| 'हमकलम' में इस कविता के लिए रेखांकन :कैरन हैडॉक |
छोकरा
लिए रहता है
टुकड़े एसब्सटास की चादर के
दो-दो छोटे टुकड़े
फंसाकर
फंसाकर
उंगलियों के बीच
बजाता है छोकरा
गाता है गीत
इकट्ठा करता है मजमा
मजमा
सुनता है
छोकरे के बचपन से
जवानी के गीत
और उसकी आने वाली जवानी को
बना देता है बुढ़ापा
छोकरा
गाता है रखकर कलेजा
गले में
दो सांप लहराते हैं
उसके गले में
छोकरे की आंख में
होता है
दो रोटियों का आकाश और
एक कप चाय का गहरा समुद्र
छोकरा
लिए रहता है
टुकड़े एसब्सटास की चादर के
दो छोटे-छोटे टुकड़े
बजाता है छोकरा
गाता है गीत
इकट्ठा करता है मजमा
मजमा
सुनता है
छोकरे के बचपन से
जवानी के गीत
और उसकी आने वाली जवानी को
बना देता है बुढ़ापा
छोकरा
गाता है रखकर कलेजा
गले में
दो सांप लहराते हैं
उसके गले में
छोकरे की आंख में
होता है
दो रोटियों का आकाश और
एक कप चाय का गहरा समुद्र
छोकरा
लिए रहता है
टुकड़े एसब्सटास की चादर के
दो छोटे-छोटे टुकड़े
0 राजेश उत्साही