| फोटो : राजेश उत्साही |
पूछा मैंने
दोस्त से,
कैसे किया नए साल का
स्वागत ?
'बांधकर
कैलेंडर में
लटका दिया है
दीवार पर!'
वह बोली।
ठीक किया
अब रखना उसे
संभालकर,मैंने कहा।
सहेजना,जीना,
उसका हरेक दिन
कड़ी नजर रखना उन पर।
वरना
मौका मिलते ही
तितलियों की तरह
गायब हो जाएंगे वे अनंत आकाश में
और तुम कहती
रह जाओगी
पता नहीं कहां चला गया नया साल
और
नए साल के दिन।
0 राजेश उत्साही