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शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

स्‍वागत नए साल का



                                                                       फोटो : राजेश उत्‍साही 
पूछा मैंने
दोस्‍त से,
कैसे किया नए साल का
स्‍वागत ?

'बांधकर
कैलेंडर में
लटका दिया है
दीवार पर!'
वह बोली।

ठीक किया
अब रखना उसे
संभालकर,मैंने कहा।

सहेजना,जीना,
उसका हरेक दिन
कड़ी नजर रखना उन पर।

वरना
मौका मिलते ही
ति‍तलियों की तरह
गायब हो जाएंगे वे अनंत आकाश में
और तुम कहती
रह जाओगी
पता नहीं कहां चला गया नया साल
और
नए साल के दिन।
0 राजेश उत्‍साही

शनिवार, 31 दिसंबर 2011

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !



  डॉलर के मुकाबले  
भाव हमें न मिले
सेंसेक्‍स में अपने
नहीं आया उछाल

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !
*
ऊपर वाले से गिला
हाय यह क्‍या सिला
छप्‍पर टूटा  ही रहा
और जल गई पुआल

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !
*
चले थे  जहां से हम
वहीं  आ  थमे कदम
बीत गया यूं ही बरस
हुआ नहीं कोई कमाल

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !
*
सपनों  को  थल नहीं
कश्‍ती को साहिल नहीं
उत्‍तरों  के हर द्वार पे
खड़े हैं  ज्‍वलंत सवाल

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !
*
दुनिया  में शोर हुआ
चर्चा भी घनघोर हुआ
भ्रष्‍टासुर संग साथ हैं
2012  बिन लोकपाल

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !
*
मजदूर  हैं  सब
मजबूर नहीं  रब
कुछ सोचे, समझे
हो न जाए बवाल

आओ फिर भी कहें, मुबारक नया साल !
                           *            
                                       0 राजेश उत्‍साही


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