| राजेश उत्साही |
मुहावरे : एक
छोटी बहन
पढ़ती है चौथी कक्षा में
पूछती है मुहावरे,कहावतें
पूछती है
क्या होता है भैया
’पेट काटना!’
सोचता हूं थोड़ी देर
फिर देता हूं जवाब
ममता मालूम है तुझे
जाता हूं जब अपनी नौकरी पर
घर से दूर
मिलते हैं कुछ पैसे मुझे खाने के लिए
खाता हूं मैं
खाना कुछ पैसों का
और बचाता हूं बाकी तुम्हारे लिए।
***
मुहावरे : दो
छोटी बहन
पढ़ती है चौथी कक्षा में
पूछती है मुहावरे,कहावतें
पूछती है
क्या होता है भैया
’जान हथेली पर लेकर घूमना!’
सोचता हूं थोड़ी देर
फिर देता हूं जवाब
ममता मालूम है तुझे
जाता हूं जब अपनी नौकरी पर
घर से दूर
मिलते हैं कुछ पैसे मुझे
आटो रिक्शा,टैक्सी सफर के लिए
पर मैं
तय करता हूं सारा रास्ता
अंधाधुंध चलती हुई
मोटर गाडि़यों के बीच
पैरों पर ।
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