रविवार, 16 दिसंबर 2012

हमारे हाथ

रूम टू रीड के लिए 2008 में  लिखी गई इस कविता का  



पोस्‍टर  भी  रूम टू रीड ने  प्रकाशित किया है।

8 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब...

    हाथ ने मुझे भी आकर्षित किया है..

    गुज़रे हैं फिर करीब से वो उठा के हाथ
    करते थे बात देर तक जो मिला के हाथ।

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  2. सार्थक सुंदर पोस्ट ...
    शुभकामनायें ...

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  3. बहुत सुंदर ... रूम -2 से मतलब ? क्लास -2 है क्या ?

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    1. संगीता जी रूम टू रीड एक संस्‍था है जो स्‍कूलों में पुस्‍तकालय को बढ़ाव देने का काम करती है।

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  4. वाकई हाथों का महत्व अद्वितीय है जीवन में।।।

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  5. सच इंसान के हाथ में ही सबकुछ है ...बस उन्हें इनके उपयोग की समझ हो ...
    बहुत बढ़िया ज्ञानवर्धक प्रस्तुति ..

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गुलमोहर के फूल आपको कैसे लगे आप बता रहे हैं न....

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