सोमवार, 1 अक्तूबर 2012

गांधी का रास्‍ता

                                                                                    राजेश उत्‍साही 
(1)
पहले हमने गांधी को पढ़ा
फिर हमने गांधी को गढ़ा

पहले हमने गांधी को मार दिया
फिर हमने गांधी को याद किया

(2)

गांधी जी कहते थे
तुम दुनिया में जैसा बदलाव देखना चाहते हो,
पहले वैसा बदलाव स्‍वयं में लाओ।
हम सब वही कर रहे हैं,जैसी दुनिया बनाना चाहते हैं
वैसे ही अपने को बदल रहे हैं।
हम गांधी के बताए रास्‍ते पर ही तो चल रहे हैं।
                                0राजेश उत्‍साही    

11 टिप्‍पणियां:

  1. वाह...
    बहुत खूब कहा...
    पहले मारा...भी याद किया...
    नमन महात्मा को.

    सादर
    अनु

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  2. सुंदर कटाक्ष। सही-सही बातें कह दो, सुंदर कटाक्ष हो जाता है। वास्तव में सुंदर कटाक्ष सही बातों से ही हो पाता है।

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  3. ढोंग ऐसे ही तो निभाए जाते हैं...

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  4. गाँधी जी ने जो कहा , सबने उसके मनमुताबिक अर्थ तलाशे और वैसा ही गढ़ भी लिया सब कुछ !
    वाकई !

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  5. गाँधी के नाम पर तमाशा कर रहे लोगों के चेहरे को बेपर्द करती दो लाघुकवितायें.

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  6. ye sb bakwas likhna band karo or kuch accha sa likhkr padhao,aise pakao mt

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  7. चल तो अभी उसी रास्ते पे है !

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  8. बहुत अच्छी रचना। गांधी अब सिर्फ नाम लेने को रह गए हैं।

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गुलमोहर के फूल आपको कैसे लगे आप बता रहे हैं न....

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