शनिवार, 19 मई 2012

मुहावरे


                                                  राजेश उत्‍साही
मुहावरे : एक

छोटी बहन
पढ़ती है चौथी कक्षा में
पूछती है मुहावरे,कहावतें

पूछती है
क्‍या होता है भैया
’पेट काटना!’

सोचता हूं थोड़ी देर
फिर देता हूं जवाब
ममता मालूम है तुझे
जाता हूं जब अपनी नौकरी पर
घर से दूर
मिलते हैं कुछ पैसे मुझे खाने के लिए
खाता हूं मैं
खाना कुछ पैसों का
और बचाता हूं बाकी तुम्‍हारे लिए।
***

मुहावरे : दो  

छोटी बहन
पढ़ती है चौथी कक्षा में
पूछती है मुहावरे,कहावतें

पूछती है
क्‍या होता है भैया
’जान हथेली पर लेकर घूमना!’

सोचता हूं थोड़ी देर
फिर देता हूं जवाब
ममता मालूम है तुझे
जाता हूं जब अपनी नौकरी पर
घर से दूर
मिलते हैं कुछ पैसे मुझे
आटो रिक्‍शा,टैक्‍सी सफर के लिए

पर मैं
तय करता हूं सारा रास्‍ता
अंधाधुंध चलती हुई
मोटर गाडि़यों के बीच 
पैरों पर ।
 0 राजेश उत्‍साही

19 टिप्‍पणियां:

  1. बड़े भाई!
    आज आपकी कविता-द्वय देखते हुए परम्परागत लोक गीत-संगीत की याद आ गयी, जहां पत्नी-पति, पुत्री-पिता, बहन-भाई के संवादों के माध्यम से प्रश्नोत्तर शैली में सामाजिक सरोकार और भावनात्मक बातें होती हैं.. इन कविताओं की गीत रचना का शिल्प/शब्द एक ही होते हैं केवल मुख्य कथन बदल जाता है..
    यहाँ भी दो मुहावरों के माध्यम से भाई-बहन के प्रश्नोत्तर द्वारा आपने बड़े गंभीर अर्थ प्रस्तुत किये हैं.. बहुत सुन्दर!!

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    1. आपका यह नजरिया कविता के नए आयाम खोलता है।

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  2. हृदयस्पर्शी ...
    सुंदर भाव और अभिव्यक्ति भी ...!!
    शुभकामनायें राजेश जी ..!

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  3. मुहावरों के गंभीर उत्तर .... चौथी कक्षा के बच्चे भी ज़िंदगी की गंभीरता सीख रहे हैं ...

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  4. मुहावरों का व्यावहारिक प्रयोग बता दिया आपने !

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  5. जीवन का सत्य बयान कर दिया।

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  6. मुहावरों के माध्यम से यथार्थ को दर्शाती भावयुक्त कविता...

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  7. दिल को छू गए भाव................

    सादर.

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  8. मन को छूते हुए भाव इस अभिव्‍यक्ति के ...आभार ।

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  9. मुहावरे आखिर जीवन पर ही बने होते हैं.
    अच्छी लगी रचना.

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  10. ये ज़िन्दगी के मुहावरे हैं, महलों में रहने वाले इसे कहावतें कहते हैं।

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  11. कल 23/05/2012 को आपकी इस पोस्‍ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.

    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    ... तू हो गई है कितनी पराई ...

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  12. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति...
    बेहतरीन....

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  13. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 24 -05-2012 को यहाँ भी है

    .... आज की नयी पुरानी हलचल में .... शीर्षक और चित्र .

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  14. सच, एक नज़र चाहिये, काश हमारे पास होती।

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  15. MOOHAWRO
    KA
    SAHI
    UPYOG.
    UDAY TAMHANE
    B.L.O.
    BHOPAL

    उत्तर देंहटाएं

गुलमोहर के फूल आपको कैसे लगे आप बता रहे हैं न....

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