बुधवार, 28 दिसंबर 2011

विचार भी एक पत्‍ता है




पेड़ों पर
नए पत्‍ते
तब तक नहीं आते
जब तक कि
पुराने झड़ नहीं जाते..

विचार
भी पत्‍ते हैं।
0 राजेश उत्‍साही

16 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्‍कुल सही कहा है ....आभार ।

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  2. सत्य वचन!
    मानवीय विचारों की कोई थाह नहीं......
    बहुत बढ़िया सचित्र प्रस्तुति..

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  3. विचार भी पत्ते हैं ...
    नए विचारों को जगह बनाने के लिए दिमाग का खुला होना ज़रूरी है !

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  4. जी हाँ बड़ी पते की बात कही है
    नव वर्ष की शुभ कामनाये

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  5. क्या बात कह दी ... सच में विशार भी नए पुरानों के होते नहीं आते ...
    नया साल मुकारक हो ...

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  6. बहुत ही सादगी से गहरी बात कह दी।

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  7. सही बात । पन्त जी की इन पंक्तियों का आशय यह भी हो सकता है--द्रुत झरो जगत के जीर्ण पत्र...।

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  8. सही बात । इसलिये पन्त जी की इन पंक्तियों का उपयोग विचारों के लिये भी हो सकता है --द्रुत झरो जगत के जीर्ण पत्र..।

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  9. SAHI HAI.
    SAMAY KE
    SATH-SATH
    VICHAR POORANE
    HOTE HAI.
    UDAY TAMHANE.
    BHOPAL.

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  10. नववर्ष की अनंत शुभकामनाओं के साथ बधाई ।

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  11. आपने सही कहा सुंदर अभिव्यक्ति की बेहतरीन रचना,.....
    नया साल सुखद एवं मंगलमय हो,....

    मेरी नई पोस्ट --"नये साल की खुशी मनाएं"--

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  12. हर बार होता है यही
    नयी चीजें ले लेती हैं जगह
    पुरानी चीजों की

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गुलमोहर के फूल आपको कैसे लगे आप बता रहे हैं न....

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